सीधी जिले में लोकायुक्त रीवा की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भू-अर्जन शाखा में पदस्थ कर्मचारी भूपेंद्र पांडे को जमीन मुआवजे के भुगतान के एवज में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। इस घटना से विभाग में हड़कंप मच गया है।जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता शिव बहोर तिवारी निवासी ग्राम सदरा, जिनकी जमीन फोर लेन सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत अधिग्रहित हुई थी। उनके मुआवजे की राशि लगभग 27 लाख रुपये निर्धारित हुई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 31 लाख रुपये के आसपास बताया गया। आरोपी भूपेंद्र पांडे ने मुआवजा राशि के 50 प्रतिशत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता ने पहले ही 1 लाख रुपये की राशि आरोपी को दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद शेष भुगतान के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। पीड़ित ने 2012 से इस मामले में भटकते हुए आखिरकार लोकायुक्त एसपी रीवा से शिकायत की। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। तय रकम 1 लाख रुपये की दूसरी किस्त लेते समय भूपेंद्र पांडे को रंगे हाथों दबोच लिया गया।
ट्रैप के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। लोकायुक्त द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

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