रीवा के लोही गांव में लंबे समय से चल रहे जमीनी विवाद ने अब भावनात्मक रूप ले लिया है। सेन परिवार की मात्र 13 माह की बच्ची की मौत के बाद परिवार ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि विवाद वाली जमीन पर बने उनके घर को अतिक्रमण बताकर तहसील द्वारा गिरा दिया गया, जिसके कारण वे बेघर हो गए। इसी सदमे और अव्यवस्था के चलते बच्ची की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, बच्ची को पहले निमोनिया हुआ था, जिसके बाद ब्रेन हेमरेज हो गया।
इलाज के लिए उसे पहले रीवा और फिर एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया, जहां वह दिसंबर से करीब दो महीने तक भर्ती रही, अंततः उसकी मौत हो गई। शनिवार को सेन परिवार ने बच्ची की मौत के लिए प्रशासनिक कार्रवाई को जिम्मेदार ठहराते हुए रीवा स्थित आईजी कार्यालय के बाहर शव लेकर धरना शुरू कर दिया। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की अपील कर रहा है। बतादें कि सेन समाज के लोग इससे पिछले 52 दिनों तक कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना दिया था, लेकिन उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला है। जिसके बाद गुरुवार को उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस अन्याय के विरोध में ओबीसी महासभा के नेतृत्व में सेन समाज धरने पर बैठा था।

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