कहा परिषदों में पार्षदों की नहीं सुनी जाती बात
रीवा। चाकघाट नगर निकाय के पार्षदों के अधिकार को लेकर पार्षद प्रियंका सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर अधिकार दिलाने की मांग की है। पार्षद का कहना है कि जिस तरह विधायक और सांसद जनता के वोट से चुनाव जीतते हैं और सरकार का चयन करते हैं उसी तरह पार्षद भी जनता के वोट से चुनाव जीतते हैं और अध्यक्ष का चयन करते हैं। किन्तु पार्षदों को स्वतंत्र अधिकार न होने के कारण पार्षद जन अपेक्षा के अनुरूप जनसेवा नहीं कर पाते। नगर परिषद, नगर पालिका तथा नगर निगम के पार्षद जनता के वोट से जीत कर अपनी लोक प्रियतम और जनाधार सिद्ध करके परिषद तक पहुंचते हैं और वार्डो के विकास कार्य कराने की पूर्ण जिम्मेदारी पार्षदों के ऊपर निर्भर होती हैं। लेकिन पार्षदों के पास स्वतंत्र अधिकार न होने के कारण ठेकेदार मनमानी करते हैं और वह गुणवत्ता युक्त कार्य नहीं हो पाता।मानदेय व भत्ता बढ़ाने की मांग
नगर परिषद त्योंथर की पार्षद प्रियंका राजबहादुर सिंह ने मांग रखी है कि विकास कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोग किये गए मटेरियल की गुणवत्ता की पुष्टि वार्ड पार्षद से कराई जाए। पार्षद को मिलने वाला मानदेय व भत्ता बहुत ही कम है इसलिए पार्षदों का भत्ता 10 हजार रुपए प्रतिमाह होना चाहिए।

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