साइबर टीम भी दिख रही नाकाम
साइबर टीम को पुलिस के रीढ़ हड्डी माना जाता है। वर्तमान दौर में रीवा साइबर टीम में एक से बढ़ कर एक जादूगर विराजमान है। जो अनसुलझी गुत्थियों को सुलझाने में महारत हासिल कर रखी है। सोच का विषय यह है कि वर्षाे से फरार आरोपियों को पकडऩे में रीवा की साइबर टीम भी नाकाम है? या फिर थानों में बैठ कर कुर्सी तोडऩे वाले थाना प्रभारी फरार आरोपियों को पकडऩे के लिए साइबर टीम का सहारा नहीं ले रहे? जो शोध का विषय है। नहीं तो ऐसा नहीं है कि दूसरो राज्यों से शातिर बदमाशों को घसीट कर रीवा लाने वाली साइबर टीम वर्षो से फरार संगीन अपराधों के आरोपियों को धर न दबोचे।
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बड़े ही अफसोस की बात है कि 2009 में दर्ज हत्या और लूट के फरार आरोपियों को समान थाना की पुलिस नहीं पकड़ पाई। जबकि आरोपी किसी दूसरे राज्यों के नही रीवा जिले के ही यूपी सीमा से सटे चाकघाट थाना क्षेत्र के हैं। जिनके विरूद्ध समान थाना के अपराध क्रमांक 637/09 में पुलिस ने धारा 302, 394, 364, 201, 120 बी एवं 34 का अपराध पंजीबद्ध किया था। जिस पर एसपी नवनीत भसीन ने फरार आरोपी हरीश कुमार मिश्रा पिता दीपक मिश्रा 38 वर्ष निवासी पंडा पुरवा थाना चाकघाट एवं सज्जन मिश्रा पिता लालम मिश्रा निवासी अमिता कालोनी पंडा पुरवा चाकघाट पर 3-3 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया है। इनके अलावा समान थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 25/19 में धोखाधड़ी एवं साजिश रचने के अपराध में सतना जिले के नवीन अग्रवाल पिता ओमप्रकाश अग्रवाल निवासी डाली बाबा चौक पंजाबी मोहल्ला कोतवाली पर एसपी ने 3 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया। चोरहटा थाना में एक वर्ष पूर्व दर्ज एनडीपीएस एक्ट में फरार आरोपी विनीत सिंह पिता अजीत सिंह 27 वर्ष निवासी करउना जिला भदौही यूपी हाल ढेकहा पर 3 हजार तथा डभौरा थाना के दर्ज अपराध क्रमांक 12/15 में फरार आरोपी रावेंद्र सिंह तोमर पिता राजकुमार तोमर निवासी तोमनपुर्वा चौखंडी थाना अतरैला, अरुण प्रताप सिंह पिता सीताराम सिंह निवासी झिंगोदर थाना जसो सतना हाल पद्मधर कालोनी रीवा, राम नरेश नापित पिता छेदीलाल निवासी गढ़वा अंदवा पर रखे गये ईनाम की राशि को बढ़ा कर 5-5 हजार रुपये कर दिया गया।

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