वर्षों से फरार आरोपियों को पकडऩे में नाकाम रीवा पुलिस, एसपी कर रहे ईनाम की घोषणा

Wednesday, 7 December 2022

/ by BM Dwivedi

सत्ता के गलियारे से थाना की कुर्सी तक पहुंचने वाली रीवा पुलिस के कारनामें भी अजीबो-गरीब है। कुर्सी पाने के बाद अपने दायित्वों को भूल कर नेता और अधिकारी के इर्द-गिर्द ऐसा चक्कर लगाने के पीछे कानून व्यवस्था को चाक चौबंद करना तो दूर फरार आरोपियों एंव बदमाशों की धर पकड़ करना भूल जाते है। एसपी चाहे कोई भी हो उनके द्वारा बीच-बीच में फरार आरोपियों एवं वारंटियो के धर पकड़ के लिए अभियान चलाया जाता है। एसपी के निर्देश पर पुलिस हाथ-पैर भी पटकती है लेकिन उनके हाथ हमेशा छुटभैया अपराधी ही लगते हैं। शातिर अपराधियों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाते। कई ऐसे संगीन अपराध हुये है जिनके आरोपी आज तक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। कुर्सी में बैठ कर डंडा पीटने वाले थाना प्रभारी भी चालक हैं। अपनी कुर्सी बचाने एवं कागजी कोरम को पूरा करने के लिए फरार आरोपियों पर ईनाम घोषित किये जाने का प्रस्वात एसपी कार्यालय को भेज देते हैं। अलबत्ता एसपी को वर्षाे से फरार आरोपियों पर ईनाम घोषित करना पड़ जाता है। मंगलवार को एसपी कार्यालय ने संगीन अपराधों में वर्षो से फरार आरोपियों पर ईनाम घोषित किये जाने के लिए प्रेसनोट जारी किया गया। देखना यह है कि ईनाम घोषित किये जाने के बाद भी पुलिस फरार आरोपियों को पकडऩे में कितनी दिलचस्पी दिखायेगी।

इसे भी देखें : कांग्रेस में रह कर भ्रष्टाचार का आरोप झेल रहीं नगर परिषद अध्यक्ष को भाजपा ने दिलवा दी सदस्यता!

साइबर टीम भी दिख रही नाकाम 

साइबर टीम को पुलिस के रीढ़ हड्डी माना जाता है। वर्तमान दौर में रीवा साइबर टीम में एक से बढ़ कर एक जादूगर विराजमान है। जो अनसुलझी गुत्थियों को सुलझाने में महारत हासिल कर रखी है। सोच का विषय यह है कि वर्षाे से फरार आरोपियों को पकडऩे में रीवा की साइबर टीम भी नाकाम है? या फिर थानों में बैठ कर कुर्सी तोडऩे वाले थाना प्रभारी फरार आरोपियों को पकडऩे के लिए साइबर टीम का सहारा नहीं ले रहे? जो शोध का विषय है। नहीं तो ऐसा नहीं है कि दूसरो राज्यों से शातिर बदमाशों को घसीट कर रीवा लाने वाली साइबर टीम वर्षो से फरार संगीन अपराधों के आरोपियों को धर न दबोचे।

इसे भी देखें : भाजपा की सदस्यता लेकर विपक्षियों की बढ़ा रहे दिलों की धड़कनें!

14 साल में भी समान थाना की पुलिस नहीं पकड़ पाई हत्या और डकैती के फरार आरोपी

बड़े ही अफसोस की बात है कि 2009 में दर्ज हत्या और लूट के फरार आरोपियों को समान थाना की पुलिस नहीं पकड़ पाई। जबकि आरोपी किसी दूसरे राज्यों के नही रीवा जिले के ही यूपी सीमा से सटे चाकघाट थाना क्षेत्र के हैं। जिनके विरूद्ध समान थाना के अपराध क्रमांक 637/09 में पुलिस ने धारा 302, 394, 364, 201, 120 बी एवं 34 का अपराध पंजीबद्ध किया था। जिस पर एसपी नवनीत भसीन ने फरार आरोपी हरीश कुमार मिश्रा पिता दीपक मिश्रा 38 वर्ष निवासी पंडा पुरवा थाना चाकघाट एवं सज्जन मिश्रा पिता लालम मिश्रा निवासी अमिता कालोनी पंडा पुरवा चाकघाट पर 3-3 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया है। इनके अलावा समान थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 25/19 में धोखाधड़ी एवं साजिश रचने के अपराध में सतना जिले के नवीन अग्रवाल पिता ओमप्रकाश अग्रवाल निवासी डाली बाबा चौक पंजाबी मोहल्ला कोतवाली पर एसपी ने 3 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया। चोरहटा थाना में एक वर्ष पूर्व दर्ज एनडीपीएस एक्ट में फरार आरोपी विनीत सिंह पिता अजीत सिंह 27 वर्ष निवासी करउना जिला भदौही यूपी हाल ढेकहा पर 3 हजार तथा डभौरा थाना के दर्ज अपराध क्रमांक 12/15 में फरार आरोपी रावेंद्र सिंह तोमर पिता राजकुमार तोमर निवासी तोमनपुर्वा चौखंडी थाना अतरैला, अरुण प्रताप सिंह पिता सीताराम सिंह निवासी झिंगोदर थाना जसो सतना हाल पद्मधर कालोनी रीवा, राम नरेश नापित पिता छेदीलाल निवासी गढ़वा अंदवा पर रखे गये ईनाम की राशि को बढ़ा कर 5-5 हजार रुपये कर दिया गया।

No comments

Post a Comment

Don't Miss
©|Rahiye Update| All Rights Reserved